मां-बेटे के खूबसूरत रिश्ते को दिखाती विद्या बालन की फिल्म ‘नटखट’ Oscar की रेस में

कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शन और पुरस्कार जीतने के बाद विद्या बालन स्टारर शॉर्ट फिल्म ‘नटखट’ को 2021 के ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया है। इस खबर से फिल्म के निर्माता रॉनी स्क्रूवाला व विद्या बालन और निर्देशक शान व्यास सातवें आसमान पर हैं।

‘नटखट’ की पूरी यात्रा
साल 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते नटखट को दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इसकी वर्चुअली स्क्रीनिंग की गई। ट्रिबेका के वी आर वन: ए ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल (2 जून 2020) में इसका वल्र्ड प्रीमियर किया गया था। जिसके बाद इंडियन फिल्म फेस्टिवल स्टटगार्ट (15-20 जुलाई, 2020) में इसकी स्क्रीनिंग की गई थी। यह फिल्म जर्मन स्टार ऑफ इंडिया अवार्ड को भी अपने नाम करने में सफल रही। इस शॉर्ट फिल्म को लंदन और बर्मिघम में लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल (17-20 सिंतबर 2020), साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल–ऑरलैंडो/फ्लोरिडा फिल्म फेस्टिवल (10-11 अक्टूबर, 2020) के लिए भी आमंत्रित किया गया था और मेलबर्न में इंडियन फिल्म फेस्टिवल (16-23 अक्टूबर 2020) की शुरुआत कभी इसी फिल्म से हुई थी। बेस्ट ऑफ इंडिया शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (7 नवंबर, 2020) में नटखट को विजेता घोषित किया गया था और इसे साल 2021 के ऑस्कर के लिए भी नामांकित किया गया है।

33 मिनट है अवधि
इटली के गिफोनी फिल्म फेस्टिवल में एक चाइल्ड ज्यूरी एंजेलिका ला रोक्का कहती हैं, ‘यह शार्ट फिल्म एकदम परफेक्ट है। ‘नटखट’ कुप्रथाओं और पितृसत्ता के सामाजिक खतरे के खिलाफ एक संभावित समाधान के विचार को पुष्ट करता है। यह दिखाता है कि घर पर बच्चे का पालन-पोषण ही वास्तविक रूप से शिक्षा की शुरुआत है। 33 मिनट लंबी यह शार्ट फिल्म रेखांकित करती है कि घर वह जगह है जहां हम उन मूल्यों को सीखते हैं जो हमें आकार देते हैं और जो हमें बनाते हैं।

ये है कहानी
एक ऐसी कहानी जहां एक मां (विद्या बालन) का ध्यान अपने स्कूल जाने वाले बेटे सोनू (सानिका पटेल) पर जाता है, जो अपने परिवार के पुरुषों की तरह ही दूसरे जेंडर के प्रति दुराचार और अपमान की भावना रखता है। इस फिल्म के साथ निर्माता बनीं विद्या बालन यहां पितृसत्तात्मक सेटअप में एक गृहिणी की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म में मां-बेटे के खूबसूरत रिश्ते को दिखाया गया है, जिसमें कई सारे उथल-पुथल के साथ एक सुखद स्पर्श भी होता है।

विद्या और शान व्यास का रिएक्शन निर्देशक शान व्यास ने इस उपलब्धि पर कहा,’नटखट को चीजों को बदलने के लिए बहुत शांत, लेकिन शक्तिशाली आग्रह के साथ बनाया गया है। इसमें बताया गया है कि बदलाव की शुरुआत घर से होती है। ऑस्कर की दौड़ के लिए इस चयन से हम बहुत खुश हैं। विद्या बालन इस पर कहती हैं, ‘ऑस्कर के लिए फिल्म को चुने जाने से बेहद खुश हूं। यह फिल्म अविश्वसनीय रूप से मेरे काफी करीब है क्योंकि इसने मुझे एक कलाकार और निर्माता की दोहरी भूमिकाएं निभाने का मौका दिया है।’

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