अनिल कपूर को आर्थिक तंगी के कारण मजबूरन करनी पड़ीं थीं ‘अंदाज’ और ‘हीर रांझा’ जैसी फिल्में, बोले-उस समय संकट में था परिवार

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर अब तक 100 ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। हाल ही में उनकी फिल्म ‘Ak Vs Ak’ रिलीज हुई है। इस फिल्मों को लेकर अनिल ने कई इंटरव्यू किए हैं। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अनिल कपूर ने अपने करियर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। अनिल ने बताया कि उनके करियर के शुरुआती दिनों में एक वक्त ऐसा आया था। जब उन्हें सिर्फ पैसों के लिए कुछ फिल्में मजबूरन करनी पड़ीं थीं। क्योंकि उस समय उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।

मैंने सिर्फ पैसों के लिए साइन की थीं ये फिल्में
अनिल ने कहा, ” मेरे करियर के शुरुआती दिनों में मेरा परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसलिए मैंने कुछ फिल्में सिर्फ पैसों के लिए साइन की थीं और इस बात का मुझे कोई अफसोस भी नहीं है। मैं उन फिल्मों के नाम भी बता सकता हूं। तब मैंने सिर्फ पैसों के लिए फिल्म ‘अंदाज’, ‘हीर रांझा’ और ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ में काम किया था। क्योंकि मेरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसलिए उस दौरान तब घर के जिस सदस्य को जो भी काम मिल रहा था, वो काम उसने किया, ताकी हमारा परिवार इस संकट से बाहर आ सके।” अनिल की फिल्म’ रूप की रानी चोरों का राजा’ फिल्म 1993 में रिलीज हुई थी, जो बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी।

इंडस्ट्री में किसी भी स्थिति में आप पीछे नहीं हट सकते
बॉलीवुड में करियर पर अनिल ने कहा, “अगर आप इस इंडस्ट्री में खुद को बनाना चाहते हैं तो आपको 100% देना होता है। यहां किसी भी स्थिति में आप पीछे नहीं हट सकते। आपको इस इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए हिम्मत और जज्बा चाहिए होता है। मैं इस इंडस्ट्री को अपना घर मानता हूं। मैं इसी के लिए बना हूं और मैं अपनी आखिरी सांस भी यहीं लूंगा।”

परिवार का ख्याल रखने के लिए कुछ भी कर सकता हूं
अनिल ने आगे कहा, “मैं और मेरा परिवार भाग्यशाली है कि हमारा वो वक्त अब पीछे छूट गया है और तब से अब तक हमारा उतनी कठिन परिस्थितियों से सामना नहीं हुआ। लेकिन आने वाले समय में कभी मेरे यार, मेरे परिवार के सामने फिर ऐसी कोई परेशानी आती है, तो मैं किसी भी तरह का काम करने से पीछे नहीं हटूंगा। मैं अपने परिवार का ख्याल रखने के लिए कुछ भी कर सकता हूं। कभी हमारी किस्मत फिर पलटी और हमने दोबारा बुरा वक्त देखा, तब भी मैं कुछ भी करने के लिए तैयार रहूंगा ताकी मैं अपने परिवार का ध्यान रख सकूं।”

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Comments are closed.